IISD को बदनाम और ब्लैकमेल करने की कोशिश! नेशनल हेड पंकज कुमार ने खोली पूरी कहानी
IISD को बदनाम और ब्लैकमेल करने की कोशिश! नेशनल हेड पंकज कुमार ने खोली पूरी कहानी
07-08-2026 10:35 AM | Update Bharat
राजस्थान शिक्षा परिषद में व्यवसायिक प्रशिक्षकों के दस्तावेज सत्यापन एवं वेतन को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं गलत सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं। इस संबंध में Indian Institute of Skill Development (IISD) के नेशनल हेड पंकज कुमार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि कुछ लोगों द्वारा तथ्यों को छिपाकर IISD कम्पनी को बदनाम एवं ब्लैकमेल करने का काम किया जा रहा है।
राजस्थान शिक्षा परिषद द्वारा 12 जून 2023 को एक जांच कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी द्वारा व्यवसायिक प्रशिक्षकों के योग्यता संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई, जिसमें 51 लोगों के दस्तावेज त्रुटिपूर्ण पाए गए। इसके चलते वर्ष 2023-24 में संबंधित लोगों का वेतन रोकने के आदेश जारी किए गए। जब तक सक्षम स्तर से आगामी आदेश जारी नहीं होते, तब तक उनका वेतन जारी किया जाना संभव नहीं है।
संबंधित लोगों से अपेक्षा है कि वे अपने दस्तावेजों को सही साबित करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखें। इसके बजाय सर्विस प्रोवाइडर के कार्यालय जाकर आत्महत्या करने की धमकी देने एवं इस संबंध में वीडियो वायरल करवाने का प्रयास किया जा रहा है।
जिन व्यवसायिक प्रशिक्षकों के दस्तावेज नियमानुसार सही पाए गए हैं, उनका वेतन सुचारू रूप से दिया जा रहा है। किसी-किसी जिले में यदि कुछ माह का वेतन बकाया है तो उसका भुगतान भी किया जा रहा है। ऐसे में सभी व्यवसायिक प्रशिक्षकों का वेतन रोकने संबंधी सोशल मीडिया पर किया जा रहा प्रचार भ्रामक है।
व्यवसायिक प्रशिक्षकों के चयन की प्रक्रिया में समाचार पत्रों में विज्ञापन, दस्तावेज सत्यापन, साक्षात्कार एवं पढ़ाने की क्षमता की जांच, स्कूल स्तर पर नियोजन तथा प्रधानाचार्य एवं जिला कार्यालय द्वारा कागजात की जांच जैसे निर्धारित चरण शामिल हैं।
व्यवसायिक प्रशिक्षकों को ₹20,000 एवं ₹22,000 प्रतिमाह वेतन दिया जाता है। ₹25,000 वेतन दिए जाने का दावा गलत है। वेतन से नियमानुसार TDS की कटौती की जाती है और आयकर विभाग के माध्यम से जमा कराया जाता है। इसी प्रकार ₹7,000 से ₹10,000 तक की कटौती किए जाने का दावा भी गलत है।
जो लोग 14 से 17 महीने की सैलरी बकाया होने का दावा कर रहे हैं, उनमें वे लोग भी शामिल हैं जिनके नाम अयोग्य सूची में हैं और जिनके दस्तावेज जांच के दौरान सही नहीं पाए गए थे।
सोशल मीडिया पर Indian Institute of Skill Development (IISD) कार्यालय का जो वीडियो वायरल किया जा रहा है, वह लगभग तीन महीने पुराना है। इसके बाद कई महीनों का वेतन भुगतान किया जा चुका है। ऐसे में पुराने वीडियो को वर्तमान स्थिति बताकर वायरल करना वास्तविक तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत करता है।
पंकज कुमार ने यह भी कहा कि आंदोलन का नेतृत्व करने वाले व्यक्ति द्वारा वर्ष 2023 के चुनाव के समय से व्यवसायिक प्रशिक्षकों को स्थायी नौकरी का आश्वासन दिए जाने की बात सामने आ रही है तथा उनसे पैसे लिए जाने के दावे भी किए जा रहे हैं। यदि इस संबंध में किसी के पास प्रमाण हैं तो उन्हें सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
Indian Institute of Skill Development (IISD) के नेशनल हेड पंकज कुमार ने कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं अधूरी जानकारी प्रसारित कर कम्पनी की छवि खराब करने और कम्पनी को ब्लैकमेल करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सभी संबंधित लोगों से अपील की कि तथ्यों की पुष्टि किए बिना किसी भी प्रकार की गलत सूचना प्रसारित न करें तथा अपनी समस्या के समाधान के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित विभाग अथवा सक्षम अधिकारी के समक्ष अपना पक्ष रखें।


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